Header Ads

इमरान के परमाणु हमले की धमकी का भारत ने दिया करारा जवाब

रिपब्लिक हिंदी डेस्क: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण का भारत ने जवाब देते हुआ है कि आतंकवाद पर इमरान खान ने झूठ बोला है. संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने खुलेआम अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन का बचाव किया था. 'जवाब के अधिकार' का इस्तेमाल करते हुए भारत ने सख्त लहजे में कहा, "इमरान खान द्वारा परमाणु युद्ध की धमकी देना इमरान खान की अस्थिरता दर्शाती है ना कि राजनीतिज्ञता." भारत सक्षम है, उसे अपनी ओर से बोलने के लिए किसी और की जरूरत नहीं.


पाकिस्तान को घेरते हुए विदिशा मैत्रा ने कहा, "क्या वह इस बात से इनकार कर सकता है कि पूरी दुनिया में यही एक ऐसी सरकार है, जो संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल अलकायदा और दाएश के आतंकियों को पेंशन मुहैया कराती है." भारतीयों को अपनी ओर से बोलने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है, खासकर उन लोगों की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिन्होंने नफरत की विचारधारा के आधार पर आतंक का उद्योग खड़ा किया है. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. संयुक्त राष्ट्र महासभा सभागार के मंच से करीब 50 मिनट तक दिए भाषण में खान ने परमाणु युद्ध का राग अलापते हुए आधा समय कश्मीर और भारत पर बोला.


भारत ने कहा कि परमाणु हमले की धमकी देना इमरान खान की अस्थिरता दर्शाती है ना कि उन्हें राजनीतिज्ञ बताता है. पाकिस्तान से कहा है कि जहां पाकिस्तान ने आतंकवाद और घृणा फैलाने वाले भाषण को बढ़ावा दिया है, वहीं भारत जम्मू एवं कश्मीर में मुख्यधारा के विकास के साथ आगे बढ़ रहा है. भारतीयों को अपनी ओर से बोलने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है, खासकर उन लोगों की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिन्होंने नफरत की विचारधारा के आधार पर आतंक का उद्योग खड़ा किया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कश्मीर से कर्फ्यू हटने के बाद वहां काफी खून-खराबा होगा. इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अपने संबोधन में दुनिया को शांति का संदेश दिया.


इमरान ने परमाणु युद्ध की धमकी देते हुए कहा, “मैं सोचता हूं कि मैं कश्मीर में होता और 55 दिनों से बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता. आप ऐसा करके लोगों को कट्टर बना रहे हैं. मैं फिर कहना चाहता हूं कि यह बहुत मुश्किल समय है. इससे पहले कि परमाणु युद्ध हो, संयुक्त राष्ट्र की कुछ करने की जिम्मेदारी है. हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. अगर दो देशों के बीच युद्ध हुआ तो कुछ भी हो सकता है.”
उन्होंने कहा, “कश्मीर में लोगों को जानवरों की तरह क्यों बंद कर दिया गया है. वे इंसान हैं. कर्फ्यू उठ जाएगा तो क्या होगा. तब मोदी क्या करेंगे. उन्हें लगता है कि कश्मीर के लोग इस स्थिति को स्वीकार कर लेंगे? कर्फ्यू उठने के बाद कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लोग बाहर आएंगे. क्या मोदी ने सोचा कि तब क्या होगा?”
News Source : UC News

No comments